deepak

१९१० मासिक शिवरात्रि व्रत के दिन उज्जैन, मध्यप्रदेश, भारत के लिए

deepak
Useful Tips on
Panchang
Switch to English
Empty
Title
१९१० शिवरात्रि के दिन
वर्ष:
ग्लोब
अपना शहर खोजें:
१९१० मासिक शिवरात्रि व्रत के दिन उज्जैन, भारत के लिए

मासिक शिवरात्रि १९१०

मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि
शिवरात्रि शिव और शक्ति के अभिसरण का विशेष पर्व है। हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है।

अमान्त पञ्चाङ्ग के अनुसार माघ माह की मासिक शिवरात्रि को महा शिवरात्रि कहते हैं। परन्तु पूर्णिमान्त पञ्चाङ्ग के अनुसार फाल्गुन माह की मासिक शिवरात्रि को महा शिवरात्रि कहते हैं। दोनों पञ्चाङ्गों में यह चन्द्र मास की नामाकरण प्रथा है जो इसे अलग-अलग करती है। हालाँकि दोनों, पूर्णिमान्त और अमान्त पञ्चाङ्ग एक ही दिन महा शिवरात्रि के साथ सभी शिवरात्रियों को मानते हैं।

भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार महा शिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि में भगवान शिव लिङ्ग के रूप में प्रकट हुए थे। पहली बार शिव लिङ्ग की पूजा भगवान विष्णु और ब्रह्माजी द्वारा की गयी थी। इसीलिए महा शिवरात्रि को भगवान शिव के जन्मदिन के रूप में जाना जाता है और श्रद्धालु लोग शिवरात्रि के दिन शिव लिङ्ग की पूजा करते हैं। शिवरात्रि व्रत प्राचीन काल से प्रचलित है। हिन्दु पुराणों में हमें शिवरात्रि व्रत का उल्लेख मिलता हैं। शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, इन्द्राणी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती और रति ने भी शिवरात्रि का व्रत किया था।
kalash १९१०  kalash
decoration
        शिवरात्रि पूजा का समय
०९ जनवरी (रविवार) मासिक शिवरात्रि २४:०७ से २५:०१
०८ फरवरी (मंगलवार) मासिक शिवरात्रि २४:१५ से २५:०७
०९ मार्च (बुधवार) महा शिवरात्रि २४:१३ से २५:०२
०८ अप्रैल (शुक्रवार) मासिक शिवरात्रि २४:०५ से २४:५२
०७ मई (शनिवार) मासिक शिवरात्रि २४:०१ से २४:४५
०६ जून (सोमवार) मासिक शिवरात्रि २४:०४ से २४:४७
०५ जुलाई (मंगलवार) मासिक शिवरात्रि २४:१० से २४:५२
०३ अगस्त (बुधवार) मासिक शिवरात्रि २४:११ से २४:५५
०१ सितम्बर (बृहस्पतिवार) मासिक शिवरात्रि २४:०५ से २४:५०
०१ अक्टूबर (शनिवार) मासिक शिवरात्रि २३:५२ से २४:४१
३१ अक्टूबर (सोमवार) मासिक शिवरात्रि २३:४५ से २४:३६
२९ नवम्बर (मंगलवार) मासिक शिवरात्रि २३:४९ से २४:४२
२९ दिसम्बर (बृहस्पतिवार) मासिक शिवरात्रि २४:०२ से २४:५६
decoration
टिप्पणी - २४ घण्टे की घड़ी उज्जैन के स्थानीय समय के साथ और सभी मुहूर्त के समय के लिए डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है)।
जो श्रद्धालु मासिक शिवरात्रि का व्रत करना चाहते है, वह इसे महा शिवरात्रि से आरम्भ कर सकते हैं और एक साल तक कायम रख सकते हैं। यह माना जाता है कि मासिक शिवरात्रि के व्रत को करने से भगवान शिव की कृपा द्वारा कोई भी मुश्किल और असम्भव कार्य पूरे किये जा सकते हैं। श्रद्धालुओं को शिवरात्रि के दौरान जागी रहना चाहिए और रात्रि के दौरान भगवान शिव की पूजा करना चाहिए। अविवाहित महिलाएँ इस व्रत को विवाहित होने हेतु एवं विवाहित महिलाएँ अपने विवाहित जीवन में सुख और शान्ति बनाये रखने के लिए इस व्रत को करती है।

मासिक शिवरात्रि अगर मंगलवार के दिन पड़ती है तो वह बहुत ही शुभ होती है। शिवरात्रि पूजन मध्य रात्रि के दौरान किया जाता है। मध्य रात्रि को निशिता काल के नाम से जाना जाता है और यह दो घटी के लिए प्रबल होती है। द्रिक पञ्चाङ्ग सभी शिवरात्रि के व्रत के लिए शिव पूजन करने के लिए निशिता काल मुहूर्त को सूचीबद्ध करता है।

भगवान शिव को उनके भोला-भाले स्वभाव के कारण भोलेनाथ के नाम से भी जाना जाता है।
10.160.15.207
facebook button