deepak

१९११ मासिक कालाष्टमी व्रत के दिन उज्जैन, मध्यप्रदेश, इण्डिया के लिए

deepak
Useful Tips on
Panchang
Switch to English
Empty
 
Title
१९११ कालाष्टमी
वर्ष:
ग्लोब
अपना शहर खोजें:
१९११ मासिक कालाष्टमी उपवास के दिन उज्जैन, इण्डिया के लिए

मासिक कालाष्टमी १९११

कालाष्टमी
कालाष्टमी
कालाष्टमी को काला अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है और हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दौरान इसे मनाया जाता है। कालभैरव के भक्त साल की सभी कालाष्टमी के दिन उनकी पूजा और उनके लिए उपवास करते हैं।

सबसे मुख्य कालाष्टमी जिसे कालभैरव जयन्ती के नाम से जाना जाता है, उत्तरी भारतीय पूर्णीमांत पञ्चाङ्ग के अनुसार मार्गशीर्ष के महीने में पड़ती है जबकि दक्षिणी भारतीय अमांत पञ्चाङ्ग के अनुसार कार्तिक के महीने पड़ती है। हालाँकि दोनों पञ्चाङ्ग में कालभैरव जयन्ती एक ही दिन देखी जाती है। यह माना जाता है कि उसी दिन भगवान शिव भैरव के रूप में प्रकट हुए थे।

कालभैरव जयन्ती को भैरव अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है।
kalash १९११  kalash
decoration
२२ जनवरी (रविवार) कालाष्टमी
२१ फरवरी (मंगलवार) कालाष्टमी
२२ मार्च (बुधवार) कालाष्टमी
२१ अप्रैल (शुक्रवार) कालाष्टमी
२१ मई (रविवार) कालाष्टमी
१९ जून (सोमवार) कालाष्टमी
१९ जुलाई (बुधवार) कालाष्टमी
१७ अगस्त (बृहस्पतिवार) कालाष्टमी
१५ सितम्बर (शुक्रवार) कालाष्टमी
१४ अक्टूबर (शनिवार) कालाष्टमी
१३ नवम्बर (सोमवार) कालभैरव जयन्ती
१२ दिसम्बर (मंगलवार) कालाष्टमी
decoration
यह ध्यान में रखना चाहिए कि कालाष्टमी का व्रत सप्तमी तिथि के दिन भी हो सकता है। धार्मिक मूलग्रन्थ के अनुसार जिस दिन अष्टमी तिथि रात्रि के दौरान प्रबल होती है उस दिन व्रतराज कालाष्टमी का व्रत किया जाना चाहिए। इसके अनुसार ही कालाष्टमी के लिए व्रत के दिन का चयन करने के लिए द्रिक पञ्चाङ्ग सुनिश्चित करता है कि प्रदोष के बाद कम से कम एक घटी के लिए अष्टमी को प्रबल होना चाहिए। अन्यथा कालाष्टमी पिछले दिन चली जाती है जब रात्रि के दौरान अष्टमी तिथि के और अधिक प्रबल होने की सम्भावना होती है।
10.240.0.50
facebook button