deepak

२०१९ मंगला गौरी व्रत के दिन उज्जैन, मध्यप्रदेश, इण्डिया के लिए

deepak
Useful Tips on
Panchang
Switch to English
Empty
Title
२०१९ मंगला गौरी
वर्ष:
ग्लोब
अपना शहर खोजें:
२०१९ मंगला गौरी उपवास के दिन उज्जैन, इण्डिया के लिए

२०१९ में मंगला गौरी के दिन

Mangala Gauri
मंगला गौरी
भगवान शिव और उनकी अर्धान्गिनी देवी गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रावण माह में उनके लिए व्रत को करना पवित्र माना गया है। श्रावण सोमवार, मंगला गौरी जैसे व्रत श्रावण के महीने में किये जाते हैं। श्रद्धालु लोग श्रावण के प्रारम्भ में संकल्प लेते हैं कि या तो वे श्रावण माह के दौरान उपवास करेंगे या फिर श्रावण के प्रारम्भ से सोलह सप्ताह तक उपवास को नियमित रूप से करेंगे।

हिन्दु श्रावण माह में हर मंगलवार के दिन विवाहित महिलाएँ मंगला गौरी का व्रत करती हैं। महिलाएँ खासकर जिनका विवाह हाल ही में हुआ हो, वह अपने दाम्पत्य जीवन में हर्ष बनाये रखने के लिए इस व्रत को करके देवी गौरी से आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। उत्तरी भारत में श्रावण माह को सावन माह के नाम से भी जाना जाता है।

आन्ध्र प्रदेश में मंगला गौरी व्रत को श्री मंगला गौरी व्रतम के नाम से भी जाना जाता है।
kalash २०१९  kalash
decoration
मंगला गौरी व्रत के दिन राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और बिहार के लिए
१७ जुलाई (बुधवार) श्रावण माह का पहला दिन
२३ जुलाई (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
३० जुलाई (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
०६ अगस्त (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
१३ अगस्त (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
१५ अगस्त (बृहस्पतिवार) श्रावण माह का अन्तिम दिन
मंगला गौरी व्रत के दिन आन्ध्र प्रदेश, गोआ, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिल नाडु के लिए
०२ अगस्त (शुक्रवार) श्रावण माह का पहला दिन
०६ अगस्त (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
१३ अगस्त (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
२० अगस्त (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
२७ अगस्त (मंगलवार) मंगला गौरी व्रत
३० अगस्त (शुक्रवार) श्रावण माह का अन्तिम दिन
decoration
चन्द्र कैलेण्डर के आधार पर किसी क्षेत्र में श्रावण माह का समय शुरू होने में पन्द्रह दिन का अन्तर होता है। सामान्यतः उत्तरी भारतीय प्रदेशों में पूर्णीमांत पञ्चाङ्ग का अनुसरण किया जाता है जिसमें श्रावण माह अमांत पञ्चाङ्ग से पन्द्रह दिन पहले शुरू हो जाता है।

आन्ध्र प्रदेश, गोआ, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिल नाडु में अमांत चन्द्र पञ्चाङ्ग का अनुसरण किया जाता है जबकि उत्तरी भारतीय प्रदेशों, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और बिहार में पूर्णीमांत पञ्चाङ्ग का अनुसरण किया जाता है। इसीलिए मंगला गौरी के दिनों का आधा भाग दोनों कैलेण्डरों में अलग-अलग हैं।
10.240.0.112
facebook button