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२०१८ हिन्दु विवाह का कैलेण्डर उज्जैन, मध्यप्रदेश, इण्डिया के लिए

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२०१८ शुभ विवाह के दिन
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२०१८ विवाह के शुभ दिन एवं मुहूर्त उज्जैन, इण्डिया के लिए
शुभ विवाह
विवाह का शुभ दिन और मुहूर्त ज्ञात करने के लिये कोई निश्चित सूत्र नहीं है। हिन्दु सन्तों में भी शुभ विवाह की तिथियों का चयन करते समय माने जाने वाले तत्वों में से कुछ पर अलग-अलग दृष्टिकोण था। इसीलिये विवाह का शुभ दिन और समय ध्यानपूर्वक और पृथक-पृथक दृष्टिकोण का विश्लेषण करने के पश्चात ही तय करना चाहिये।

विवाह का दिन तय करने के लिये व्यवहारिक होना भी अति-आवश्यक है। इसीलिये शुभ विवाह का मुहूर्त तय करने के लिये सबसे महत्वपूर्ण तत्वों पर विचार और कम महत्वपूर्ण तत्वों को नजरअन्दाज कर देना चाहिये। अगर आप जानना चाहते हैं कि इस पृष्ठ पर दिये विवाह के दिन और मुहूर्तों को कैसे निकाला गया है तो कृपया विवाह मुहूर्त गणना को पढ़े।

विवाह के शुभ दिन शुभ विवाह मुहूर्त विवाह के लिये नक्षत्र विवाह के लिये तिथि
२४th फरवरी (शनिवार)०६:५६ से ३०:५५+रोहिणी, मॄगशिरानवमी, दशमी
०१st मार्च (बृहस्पतिवार)१९:३७ से २३:४८मघापूर्णिमा
०५th मार्च (सोमवार)२०:१८ से ३०:४८+स्वातीचतुर्थी, पञ्चमी
०६th मार्च (मंगलवार)०६:४८ से १७:४६स्वातीपञ्चमी
०८th मार्च (बृहस्पतिवार)१४:४७ से २४:४५+अनुराधासप्तमी
१०th मार्च (शनिवार)१०:१३ से १८:४३मूलनवमी
१२th मार्च (सोमवार)११:१३ से २०:३९उत्तराषाढाएकादशी
१८th अप्रैल (बुधवार)२४:२८+ से ३०:०६+रोहिणीतृतीया, चतुर्थी
१९th अप्रैल (बृहस्पतिवार)०६:०६ से १२:१९रोहिणीचतुर्थी
 २३:०७ से ३०:०५+मॄगशिरापञ्चमी
२०th अप्रैल (शुक्रवार)०६:०५ से ११:१२मॄगशिरापञ्चमी
२४th अप्रैल (मंगलवार)२१:४६ से ३०:०२+मघादशमी
२५th अप्रैल (बुधवार)०६:०२ से १५:०६मघादशमी, एकादशी
२७th अप्रैल (शुक्रवार)१४:४२ से २९:५९+हस्तत्रयोदशी
२८th अप्रैल (शनिवार)०५:५९ से १३:५३हस्तत्रयोदशी, चतुर्दशी
२९th अप्रैल (रविवार)१८:२९ से २९:५८+स्वातीपूर्णिमा
३०th अप्रैल (सोमवार)०५:५८ से १०:२४स्वातीप्रतिपदा
०१st मई (मंगलवार)१५:५७ से २९:५६+अनुराधाद्वितीया
०४th मई (शुक्रवार)०५:५५ से २२:३३मूलचतुर्थी, पञ्चमी
०५th मई (शनिवार)२५:३४+ से २९:५४+उत्तराषाढाषष्ठी
०६th मई (रविवार)०५:५४ से १५:५५उत्तराषाढाषष्ठी
११th मई (शुक्रवार)१३:४७ से २९:५१+उत्तर भाद्रपदएकादशी, द्वादशी
१२th मई (शनिवार)०५:५१ से २९:५०+उत्तर भाद्रपद, रेवतीद्वादशी, त्रयोदशी
१८th जून (सोमवार)०५:४५ से २६:४७+मघापञ्चमी, षष्ठी
२१st जून (बृहस्पतिवार)०५:४५ से २५:२७+हस्तनवमी
२३rd जून (शनिवार)०५:४६ से १५:३२स्वातीएकादशी
२५th जून (सोमवार)०५:४६ से २९:४७+अनुराधात्रयोदशी
२७th जून (बुधवार)२१:१५ से २९:४७+मूलपूर्णिमा
२८th जून (बृहस्पतिवार)०५:४७ से १२:२२मूलपूर्णिमा, प्रतिपदा
०५th जुलाई (बृहस्पतिवार)१२:४१ से २९:५०+उत्तर भाद्रपदसप्तमी, अष्टमी
१०th जुलाई (मंगलवार)२०:२६ से २९:५२+रोहिणी, मॄगशिरात्रयोदशी
११th जुलाई (बुधवार)०५:५२ से १५:३४मॄगशिरात्रयोदशी
टिप्पणी - २४ घण्टे की घड़ी उज्जैन के स्थानीय समय के साथ और सभी विवाह मुहूर्त के समय के लिए डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है)।
शुभ विवाह
हिन्दु विवाह मुहूर्तों की गणना करने के लिये सर्वप्रथम पञ्चाङ्ग शुद्धि की जाती है। पञ्चाङ्ग शुद्धि न केवल विवाह के शुभ दिन ज्ञात कराता है बल्कि विवाह के संस्कारों के लिये शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध कराता है।

द्रिक पञ्चाङ्ग, हिन्दु कैलेण्डर पर आधारित सौर मास और चन्द्र मास को लेकर, साल २०१८ के सभी दिनों के लिये, नक्षत्र, योग और करण की शुद्धि कर विवाह के शुभ दिन और मुहूर्त उपलब्ध कराता है।

हिन्दु धार्मिक ग्रन्थों, मुहूर्त चिन्तामणि और धर्मसिन्धु के अनुसार शुक्र अस्त और गुरु अस्त के समय विवाह संस्कार नहीं किया जाना चाहिये। (अगर आप शुक्र अस्त और गुरु अस्त के दिनों को जानना चाहते हैं तो कृपया शुक्र अस्त और गुरु अस्त देखें।) अतः विवाह मुहूर्त निकालने के लिये जो पञ्चाङ्ग शुद्धि की जाती है वह शुक्र अस्त और गुरु अस्त के दिनों को त्यागने के पश्चात की जानी चाहिये। इसके आलावा अधिक मास के दिनों को भी पञ्चाङ्ग शुद्धि से पहले त्याग देना चाहिये।

हम वर्ष के सभी शुभ मुहूर्तों की गणना करते हैं और जो मुहूर्त ४ घण्टे से कम समय के होते हैं उनको हम त्याग देते हैं। सभी मुहूर्तों के लिये गणना सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को लेकर की जाती है और जो मुहूर्त मध्यरात्रि के पश्चात तक का होता है उसे हम २४+ समय के प्रारूप में दर्शाते हैं।

इस पृष्ठ पर दिये हुये सभी विवाह मुहूर्त शहर की भूगोलिक स्थिति को लेकर निकाले गये हैं। अतः शुभ विवाह के दिन और मुहूर्त लेने से पहले यह सुनिश्चित कर ले कि मुहूर्त आपकी वर्तमान भूगोलिक स्थिति के लिये ही निकाले गये हैं। शुभ विवाह के दिन तय करने के लिये पञ्चाङ्ग शुद्धि पहला कदम है और शादी का दिन तय करने के लिये ज्योतिष विद्या में पारन्गत किसी विद्वान से विचार-विमर्श करना जरुरी है।

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