deepak

२०१९ हिन्दु विवाह का कैलेण्डर उज्जैन, मध्यप्रदेश, इण्डिया के लिए

deepak
Useful Tips on
Panchang
Switch to English
Empty
Title
२०१९ शुभ विवाह के दिन
वर्ष:
ग्लोब
अपना शहर खोजें:
२०१९ विवाह के शुभ दिन एवं मुहूर्त उज्जैन, इण्डिया के लिए
शुभ विवाह
विवाह का शुभ दिन और मुहूर्त ज्ञात करने के लिये कोई निश्चित सूत्र नहीं है। हिन्दु सन्तों में भी शुभ विवाह की तिथियों का चयन करते समय माने जाने वाले तत्वों में से कुछ पर अलग-अलग दृष्टिकोण था। इसीलिये विवाह का शुभ दिन और समय ध्यानपूर्वक और पृथक-पृथक दृष्टिकोण का विश्लेषण करने के पश्चात ही तय करना चाहिये।

विवाह का दिन तय करने के लिये व्यवहारिक होना भी अति-आवश्यक है। इसीलिये शुभ विवाह का मुहूर्त तय करने के लिये सबसे महत्वपूर्ण तत्वों पर विचार और कम महत्वपूर्ण तत्वों को नजरअन्दाज कर देना चाहिये। अगर आप जानना चाहते हैं कि इस पृष्ठ पर दिये विवाह के दिन और मुहूर्तों को कैसे निकाला गया है तो कृपया विवाह मुहूर्त गणना को पढ़े।

विवाह के शुभ दिन शुभ विवाह मुहूर्त विवाह के लिये नक्षत्र विवाह के लिये तिथि
१७th जनवरी (बृहस्पतिवार)२२:३४ से ३१:१४रोहिणीद्वादशी
१८th जनवरी (शुक्रवार)०७:१४ से २२:११रोहिणी, मॄगशिराद्वादशी, त्रयोदशी
२३rd जनवरी (बुधवार)०७:१४ से १३:४०मघातृतीया
२५th जनवरी (शुक्रवार)१४:४८ से ३१:१३उत्तराफाल्गुनी, हस्तपञ्चमी, षष्ठी
२६th जनवरी (शनिवार)०७:१३ से १५:०५हस्तषष्ठी
२९th जनवरी (मंगलवार)१५:१५ से २७:०२अनुराधादशमी
०१st फरवरी (शुक्रवार)०७:११ से २१:०८मूलद्वादशी, त्रयोदशी
०८th फरवरी (शुक्रवार)१४:५९ से २३:२४उत्तर भाद्रपदचतुर्थी
०९th फरवरी (शनिवार)१२:२६ से ३१:०७उत्तर भाद्रपद, रेवतीपञ्चमी
१०th फरवरी (रविवार)०७:०७ से १३:०६रेवतीपञ्चमी
१५th फरवरी (शुक्रवार)०७:०३ से २०:५३मॄगशिरादशमी, एकादशी
२१st फरवरी (बृहस्पतिवार)०६:५९ से २३:१३उत्तराफाल्गुनीद्वितीया, तृतीया
२३rd फरवरी (शनिवार)२२:४८ से ३०:५७स्वातीपञ्चमी
२४th फरवरी (रविवार)०६:५७ से २२:०३स्वातीषष्ठी
२६th फरवरी (मंगलवार)१०:४८ से २३:०४अनुराधाअष्टमी
२८th फरवरी (बृहस्पतिवार)०७:२१ से १९:३६मूलदशमी
०२nd मार्च (शनिवार)११:३२ से ३०:५१उत्तराषाढाद्वादशी
०७th मार्च (बृहस्पतिवार)२०:५५ से ३०:४६उत्तर भाद्रपदप्रतिपदा, द्वितीया
०८th मार्च (शुक्रवार)०६:४६ से ३०:४६उत्तर भाद्रपद, रेवतीद्वितीया, तृतीया
०९th मार्च (शनिवार)०६:४६ से १८:४९रेवतीतृतीया
१३th मार्च (बुधवार)०६:४२ से २८:२३रोहिणीसप्तमी
१६th अप्रैल (मंगलवार)२५:५१ से ३०:०९उत्तराफाल्गुनीत्रयोदशी
१७th अप्रैल (बुधवार)०६:०९ से १८:३३उत्तराफाल्गुनीत्रयोदशी
१८th अप्रैल (बृहस्पतिवार)१४:५८ से १९:२६हस्तचतुर्दशी
१९th अप्रैल (शुक्रवार)१९:३० से ३०:०६स्वातीप्रतिपदा
२०th अप्रैल (शनिवार)०६:०६ से १७:५९स्वातीप्रतिपदा, द्वितीया
२२nd अप्रैल (सोमवार)११:२५ से १६:४६अनुराधाचतुर्थी
२३rd अप्रैल (मंगलवार)२५:०० से ३०:०३मूलपञ्चमी
२४th अप्रैल (बुधवार)०६:०३ से १८:३६मूलपञ्चमी, षष्ठी
२५th अप्रैल (बृहस्पतिवार)२५:३९ से ३०:०१उत्तराषाढासप्तमी
२६th अप्रैल (शुक्रवार)०६:०१ से २३:१५उत्तराषाढासप्तमी, अष्टमी
०२nd मई (बृहस्पतिवार)०५:५७ से २७:२१उत्तर भाद्रपद, रेवतीत्रयोदशी
०६th मई (सोमवार)१६:३७ से २५:१५रोहिणीद्वितीया
०७th मई (मंगलवार)२३:२४ से २९:५३मॄगशिरातृतीया, चतुर्थी
०८th मई (बुधवार)०५:५३ से १३:४०मॄगशिराचतुर्थी
१२th मई (रविवार)१७:३४ से २९:५१मघानवमी
१४th मई (मंगलवार)०८:५४ से २३:४७उत्तराफाल्गुनीदशमी, एकादशी
१५th मई (बुधवार)१०:३६ से २९:४३हस्तद्वादशी
१७th मई (शुक्रवार)१७:३९ से २७:०८स्वातीचतुर्दशी
१९th मई (रविवार)१३:०८ से २६:०८अनुराधाप्रतिपदा
२१st मई (मंगलवार)०८:४५ से १३:२५मूलतृतीया
२३rd मई (बृहस्पतिवार)०५:४७ से २९:४६उत्तराषाढापञ्चमी, षष्ठी
२८th मई (मंगलवार)१८:५९ से २६:३०उत्तर भाद्रपददशमी
२९th मई (बुधवार)१५:२१ से २९:४५उत्तर भाद्रपद, रेवतीएकादशी
३०th मई (बृहस्पतिवार)०५:४५ से १६:३८रेवतीएकादशी
०८th जून (शनिवार)२२:५९ से २९:४४मघाषष्ठी, सप्तमी
०९th जून (रविवार)०५:४४ से १५:५०मघासप्तमी
१०th जून (सोमवार)१४:२२ से २९:४४उत्तराफाल्गुनीअष्टमी, नवमी
१२th जून (बुधवार)०६:०८ से ११:५२हस्तदशमी
१३th जून (बृहस्पतिवार)२५:२४ से २९:४५स्वातीद्वादशी
१४th जून (शुक्रवार)०५:४५ से १०:१८स्वातीद्वादशी
१५th जून (शनिवार)१०:०० से २९:४५अनुराधात्रयोदशी, चतुर्दशी
१६th जून (रविवार)०५:४५ से १०:०८अनुराधाचतुर्दशी
१७th जून (सोमवार)१७:०१ से २९:४५मूलप्रतिपदा
१८th जून (मंगलवार)०५:४५ से ११:५१मूलप्रतिपदा
१९th जून (बुधवार)१३:३० से १८:५८उत्तराषाढाद्वितीया, तृतीया
२५th जून (मंगलवार)०५:४७ से २९:४७उत्तर भाद्रपदअष्टमी, नवमी
२६th जून (बुधवार)०५:४७ से २३:५१रेवतीनवमी
०६th जुलाई (शनिवार)१३:१० से २१:५२मघापञ्चमी
०७th जुलाई (रविवार)२०:१४ से २९:५१उत्तराफाल्गुनीषष्ठी
०८th नवम्बर (शुक्रवार)१२:२४ से ३०:४०उत्तर भाद्रपदद्वादशी
०९th नवम्बर (शनिवार)०६:४० से ३०:४१उत्तर भाद्रपद, रेवतीद्वादशी, त्रयोदशी
१०th नवम्बर (रविवार)०६:४१ से १०:४४रेवतीत्रयोदशी
१४th नवम्बर (बृहस्पतिवार)०९:१५ से ३०:४४रोहिणी, मॄगशिराद्वितीया, तृतीया
२२nd नवम्बर (शुक्रवार)०९:०१ से ३०:४९उत्तराफाल्गुनी, हस्तएकादशी
२३rd नवम्बर (शनिवार)०६:४९ से १४:४६हस्तद्वादशी
२४th नवम्बर (रविवार)१२:४८ से २५:०६स्वातीत्रयोदशी
३०th नवम्बर (शनिवार)१८:०५ से ३०:५५उत्तराषाढापञ्चमी
०५th दिसम्बर (बृहस्पतिवार)२०:०८ से ३०:५८उत्तर भाद्रपदनवमी, दशमी
०६th दिसम्बर (शुक्रवार)०६:५८ से १६:३२उत्तर भाद्रपददशमी
११th दिसम्बर (बुधवार)२२:५४ से ३१:०२रोहिणीपूर्णिमा
१२th दिसम्बर (बृहस्पतिवार)०७:०२ से ३०:१९मॄगशिरापूर्णिमा, प्रतिपदा
टिप्पणी - २४ घण्टे की घड़ी उज्जैन के स्थानीय समय के साथ और सभी विवाह मुहूर्त के समय के लिए डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है)।
शुभ विवाह
हिन्दु विवाह मुहूर्तों की गणना करने के लिये सर्वप्रथम पञ्चाङ्ग शुद्धि की जाती है। पञ्चाङ्ग शुद्धि न केवल विवाह के शुभ दिन ज्ञात कराता है बल्कि विवाह के संस्कारों के लिये शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध कराता है।

द्रिक पञ्चाङ्ग, हिन्दु कैलेण्डर पर आधारित सौर मास और चन्द्र मास को लेकर, साल २०१९ के सभी दिनों के लिये, नक्षत्र, योग और करण की शुद्धि कर विवाह के शुभ दिन और मुहूर्त उपलब्ध कराता है।

हिन्दु धार्मिक ग्रन्थों, मुहूर्त चिन्तामणि और धर्मसिन्धु के अनुसार शुक्र अस्त और गुरु अस्त के समय विवाह संस्कार नहीं किया जाना चाहिये। (अगर आप शुक्र अस्त और गुरु अस्त के दिनों को जानना चाहते हैं तो कृपया शुक्र अस्त और गुरु अस्त देखें।) अतः विवाह मुहूर्त निकालने के लिये जो पञ्चाङ्ग शुद्धि की जाती है वह शुक्र अस्त और गुरु अस्त के दिनों को त्यागने के पश्चात की जानी चाहिये। इसके आलावा अधिक मास के दिनों को भी पञ्चाङ्ग शुद्धि से पहले त्याग देना चाहिये।

हम वर्ष के सभी शुभ मुहूर्तों की गणना करते हैं और जो मुहूर्त ४ घण्टे से कम समय के होते हैं उनको हम त्याग देते हैं। सभी मुहूर्तों के लिये गणना सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को लेकर की जाती है और जो मुहूर्त मध्यरात्रि के पश्चात तक का होता है उसे हम २४+ समय के प्रारूप में दर्शाते हैं।

इस पृष्ठ पर दिये हुये सभी विवाह मुहूर्त शहर की भूगोलिक स्थिति को लेकर निकाले गये हैं। अतः शुभ विवाह के दिन और मुहूर्त लेने से पहले यह सुनिश्चित कर ले कि मुहूर्त आपकी वर्तमान भूगोलिक स्थिति के लिये ही निकाले गये हैं। शुभ विवाह के दिन तय करने के लिये पञ्चाङ्ग शुद्धि पहला कदम है और शादी का दिन तय करने के लिये ज्योतिष विद्या में पारन्गत किसी विद्वान से विचार-विमर्श करना जरुरी है।

10.240.0.71
facebook button