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१९१२ अहोई अष्टमी व्रत का दिन और पूजा का समय उज्जैन, मध्यप्रदेश, भारत के लिए

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Title
१९१२ अहोई अष्टमी
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१९१२ अहोई अष्टमी व्रत और पूजा का समय उज्जैन, भारत के लिए

अहोई अष्टमी

वाँ
नवम्बर १९१२
(शुक्रवार)
अहोई अष्टमी पूजन
अहोई माता का दिन

अहोई अष्टमी के दिन सायं सन्ध्या


अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त = १७:४५ से १९:०२
अवधि = १ घण्टा १७ मिनट्स
तारों को देखने के लिये साँझ का समय = १८:१२
अहोई अष्टमी के दिन चन्द्रोदय = २३:३४
अष्टमी तिथि प्रारम्भ = १/नवम्बर/१९१२ को २२:११ बजे
अष्टमी तिथि समाप्त = २/नवम्बर/१९१२ को २०:०३ बजे
टिप्पणी - २४ घण्टे की घड़ी उज्जैन के स्थानीय समय के साथ और सभी मुहूर्त के समय के लिए डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है)।
१९१२ अहोई अष्टमी

अहोई अष्टमी के दिन माताएँ अपने पुत्रों की भलाई के लिए उषाकाल (भोर) से लेकर गोधूलि बेला (साँझ) तक उपवास करती हैं। साँझ के दौरान आकाश में तारों को देखने के बाद व्रत तोड़ा जाता है। (कुछ महिलाएँ चन्द्रमा के दर्शन करने के बाद व्रत को तोड़ती है लेकिन इसका अनुसरण करना कठिन होता है क्योंकि अहोई अष्टमी के दिन रात में चन्द्रोदय देर से होता है।)

अहोई अष्टमी व्रत का दिन करवा चौथ के चार दिन बाद और दीवाली पूजा से आठ दिन पहले पड़ता है। करवा चौथ के समान अहोई अष्टमी उत्तर भारत में ज्यादा प्रसिद्ध है। अहोई अष्टमी का दिन अहोई आठें के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह व्रत अष्टमी तिथि, जो कि माह का आठवाँ दिन होता है, के दौरान किया जाता है।

करवा चौथ के समान अहोई अष्टमी का दिन भी कठोर उपवास का दिन होता है और बहुत सी महिलाएँ पूरे दिन जल तक ग्रहण नहीं करती हैं। आकाश में तारों को देखने के बाद ही उपवास को तोड़ा जाता है।
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