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२०१५ चन्द्र ग्रहण की जानकारी उज्जैन, मध्यप्रदेश, भारत के लिए

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चन्द्र ग्रहण
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२०१५ चन्द्र ग्रहण
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उज्जैन, भारत के लिए चन्द्र ग्रहण के शुरू और अन्त होने के स्थानीय समय की सम्पूर्ण जानकारी

चन्द्र ग्रहण का दिन

२८वाँ
सितम्बर २०१५
(सोमवार)
सूर्य और चन्द्र के बीच में बैठे असुर राहू <br /> का शीर्ष विच्छेद करते हुए भगवान विष्णु
भगवान विष्णु असुर राहू का सिर काटते हुए

चन्द्र ग्रहण का स्थानीय समय


उज्जैन में उपच्छाया चन्द्र ग्रहण
प्रच्छाया में कोई ग्रहण नहीं है।
चन्द्रास्त के पूर्व उपच्छाया ग्रहण खाली आँख से नहीं दिखेगा।
चन्द्रास्त - ०६:१०:५३
उपच्छाया से पहला स्पर्श - ०५:४३:१९
प्रच्छाया से पहला स्पर्श - ०६:३८:३१
खग्रास प्रारम्भ - ०७:४२:१९
परमग्रास चन्द्र ग्रहण - ०८:१७:५३
खग्रास समाप्त - ०८:५३:२८
प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श - ०९:५७:१५
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श - १०:५२:२७
खग्रास की अवधि - ०१ घण्टा ११ मिनट्स ०८ सेकण्ड्स
खण्डग्रास की अवधि - ०३ घण्टे १८ मिनट्स ४३ सेकण्ड्स
उपच्छाया की अवधि - ०५ घण्टे ०९ मिनट्स ०७ सेकण्ड्स

चन्द्र ग्रहण का परिमाण - १.२७
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण - २.२३
सूतक प्रारम्भ - लागू नहीं है।
सूतक समाप्त - लागू नहीं है।
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक प्रारम्भ - लागू नहीं है।
बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक समाप्त - लागू नहीं है।
टिप्पणी - २४ घण्टे की घड़ी उज्जैन के स्थानीय समय के साथ और सभी चन्द्र ग्रहण के समय के लिए डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है)।
चन्द्र ग्रहण अप्रैल सितम्बर २८, २०१५

खग्रास चन्द्र ग्रहण २७ सितम्बर एवं २८ सितम्बर को दर्शनीय होगा। वर्ष २०१५ में यह दूसरा चन्द्र ग्रहण होगा। परमग्रास ग्रहण के दौरान चन्द्रमाँ पृथ्वी की प्रच्छाया से पूर्ण रूप से छिप जायेगा। पृथ्वी के वातावरण से अपवर्तित सूर्य की रौशनी चन्द्रमाँ के जिस भाग पर पड़ेगी, चन्द्रमाँ का केवल उतना ही भाग प्रबुद्ध होगा और जिसके कारण वह लाल रंग का दिखेगा। समग्रता की सबसे लम्बी अवधि १ घण्टा और १२ मिनटों के लिए होगी।

अधिकतम भारत से, केवल उपच्छाया चन्द्र ग्रहण ही दर्शनीय होगा जिसका वैदिक ज्योतिष में कोई महत्व नहीं है। भारत में गुजरात के कुछ पश्चिमी शहरों, प्रमुख रूप से बहु-प्रसिद्ध शहर द्वारका, से ही खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण दर्शनीय होगा। अतः गुजरात के कुछ पश्चिमी शहरों को छोड़कर भारत के अन्य शहरों के लोगो को चन्द्र ग्रहण के दौरान किये जाने वाले नियम और अनुष्ठानों का पालन करने की आवश्यकता नहीं है।

यह चन्द्र ग्रहण मुख्यतः उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, पेसिफिक, पश्चिमी एशिया और अफ्रीका के कुछ भागों से दर्शनीय होगा। पाकिस्तान में केवल खण्डग्रास चन्द्र ग्रहण ही दर्शनीय होगा।

इस खग्रास चन्द्र ग्रहण को देखने के लिये कुछ उत्तम शहर सिएटल, मेक्सिको सिटी, बर्लिन, लंदन, मास्को, मांट्रियल, मैड्रिड, काहिरा और पेरिस हैं।
चन्द्र ग्रहण के समय पर टिप्पणी -

जब चन्द्र ग्रहण मध्यरात्रि (१२ बजे) से पहले लग जाता है परन्तु मध्यरात्रि के पश्चात समाप्त होता है - दूसरे शब्दों में जब चन्द्र ग्रहण अंग्रेजी कैलेण्डर में दो दिनों का अधिव्यापन (ओवरलैप) करता है - तो जिस दिन चन्द्रग्रहण अधिकतम होता है उस दिन की दिनाँक चन्द्रग्रहण के लिये दर्शायी जाती है। ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण की उपच्छाया तथा प्रच्छाया का स्पर्श पिछले दिन अर्थात मध्यरात्रि से पहले हो सकता है।

इस पृष्ठ पर दिये चन्द्रोदय और चन्द्रास्त के समय लंबन/विस्‍थापनाभास के लिये संशोधित हैं। लंबन का संशोधन चन्द्रग्रहण देखने के लिये उत्तम समय देता है।

हिन्दु धर्म और चन्द्र ग्रहण

हिन्दु धर्म में चन्द्रग्रहण एक धार्मिक घटना है जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। जो चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से स्पष्ट दृष्टिगत न हो तो उस चन्द्रग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होता है। मात्र उपच्छाया वाले चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से दृष्टिगत नहीं होते हैं इसीलिये उनका पञ्चाङ्ग में समावेश नहीं होता है और कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण, जो कि नग्न आँखों से दृष्टिगत होते हैं, धार्मिक कर्मकाण्डों के लिये विचारणीय होते हैं। सभी परम्परागत पञ्चाङ्ग केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण को ही सम्मिलित करते हैं।

यदि चन्द्रग्रहण आपके शहर में दर्शनीय नहीं हो परन्तु दूसरे देशों अथवा शहरों में दर्शनीय हो तो कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। लेकिन यदि मौसम की वजह से चन्द्रग्रहण दर्शनीय न हो तो ऐसी स्थिति में चन्द्रग्रहण के सूतक का अनुसरण किया जाता है और ग्रहण से सम्बन्धित सभी सावधानियों का पालन किया जाता है।

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