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२०१७ हिन्दु विवाह का कैलेण्डर उज्जैन, मध्यप्रदेश, इण्डिया के लिए

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२०१७ शुभ विवाह के दिन
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२०१७ विवाह के शुभ दिन एवं मुहूर्त उज्जैन, इण्डिया के लिए
शुभ विवाह
विवाह का शुभ दिन और मुहूर्त ज्ञात करने के लिये कोई निश्चित सूत्र नहीं है। हिन्दु सन्तों में भी शुभ विवाह की तिथियों का चयन करते समय माने जाने वाले तत्वों में से कुछ पर अलग-अलग दृष्टिकोण था। इसीलिये विवाह का शुभ दिन और समय ध्यानपूर्वक और पृथक-पृथक दृष्टिकोण का विश्लेषण करने के पश्चात ही तय करना चाहिये।

विवाह का दिन तय करने के लिये व्यवहारिक होना भी अति-आवश्यक है। इसीलिये शुभ विवाह का मुहूर्त तय करने के लिये सबसे महत्वपूर्ण तत्वों पर विचार और कम महत्वपूर्ण तत्वों को नजरअन्दाज कर देना चाहिये। अगर आप जानना चाहते हैं कि इस पृष्ठ पर दिये विवाह के दिन और मुहूर्तों को कैसे निकाला गया है तो कृपया विवाह मुहूर्त गणना को पढ़े।

विवाह के शुभ दिन शुभ विवाह मुहूर्त विवाह के लिये नक्षत्र विवाह के लिये तिथि
१५th जनवरी (रविवार)११:३९ से २२:४४मघाचतुर्थी
१६th जनवरी (सोमवार)२३:१८ से ३१:१४+उत्तराफाल्गुनीपञ्चमी
१७th जनवरी (मंगलवार)०७:१४ से १२:०४उत्तराफाल्गुनीपञ्चमी
२०th जनवरी (शुक्रवार)०७:१४ से १२:३६स्वातीअष्टमी
२२nd जनवरी (रविवार)२१:५९ से ३१:१३+अनुराधाएकादशी
२३rd जनवरी (सोमवार)०७:१३ से १३:५७अनुराधाएकादशी
०१st फरवरी (बुधवार)०७:१० से ३१:१०+उत्तर भाद्रपद, रेवतीपञ्चमी, षष्ठी
०२nd फरवरी (बृहस्पतिवार)०७:१० से १५:२५रेवतीषष्ठी
११th फरवरी (शनिवार)१४:५१ से २२:२४मघाप्रतिपदा
१३th फरवरी (सोमवार)०८:५९ से १६:४४उत्तराफाल्गुनीतृतीया
१४th फरवरी (मंगलवार)०७:०३ से १८:५७उत्तराफाल्गुनी, हस्तचतुर्थी
१६th फरवरी (बृहस्पतिवार)१९:०३ से ३१:०१+स्वातीषष्ठी
२१st फरवरी (मंगलवार)१८:४५ से २७:१८+मूलएकादशी
२३rd फरवरी (बृहस्पतिवार)२२:०४ से ३०:३०+उत्तराषाढात्रयोदशी
२८th फरवरी (मंगलवार)०६:५३ से ३०:५२+उत्तर भाद्रपद, रेवतीद्वितीया, तृतीया
०१st मार्च (बुधवार)०६:५२ से २१:३८रेवतीतृतीया, चतुर्थी
०४th मार्च (शनिवार)२२:२९ से ३०:४८+रोहिणीसप्तमी
०५th मार्च (रविवार)१७:०२ से ३०:४७+रोहिणी, मॄगशिराअष्टमी, नवमी
०६th मार्च (सोमवार)०६:४७ से १९:४२मॄगशिरानवमी
१०th मार्च (शुक्रवार)२३:०१ से ३०:४३+मघाचतुर्दशी
११th मार्च (शनिवार)०६:४३ से १७:०७मघाचतुर्दशी
१३th मार्च (सोमवार)२६:१६+ से ३०:४०+हस्तद्वितीया
१७th अप्रैल (सोमवार)१२:४७ से १९:३३मूलषष्ठी
१८th अप्रैल (मंगलवार)२२:११ से ३०:०६+उत्तराषाढासप्तमी, अष्टमी
१९th अप्रैल (बुधवार)०६:०६ से २४:२०+उत्तराषाढाअष्टमी
२८th अप्रैल (शुक्रवार)१३:३९ से २९:५८+रोहिणीतृतीया
०४th मई (बृहस्पतिवार)१०:३७ से २९:०२+मघानवमी, दशमी
०६th मई (शनिवार)२०:३० से २९:५३+उत्तराफाल्गुनीद्वादशी
०७th मई (रविवार)०५:५३ से २९:५३+उत्तराफाल्गुनी, हस्तद्वादशी, त्रयोदशी
१४th मई (रविवार)१०:१७ से २६:०८+मूलचतुर्थी
१६th मई (मंगलवार)०५:४९ से २९:४८+उत्तराषाढापञ्चमी, षष्ठी
२१st मई (रविवार)१६:४१ से २९:४६+उत्तर भाद्रपदएकादशी
२२nd मई (सोमवार)०५:४६ से २६:५१+उत्तर भाद्रपद, रेवतीएकादशी, द्वादशी
२६th मई (शुक्रवार)११:१५ से २९:४५+रोहिणी, मॄगशिराप्रतिपदा, द्वितीया
२७th मई (शनिवार)०५:४५ से १४:४१मॄगशिराद्वितीया
३१st मई (बुधवार)२३:४१ से २९:४४+मघासप्तमी
०२nd जून (शुक्रवार)१२:०१ से २९:४४+उत्तराफाल्गुनीनवमी
०३rd जून (शनिवार)०५:४४ से २१:३२उत्तराफाल्गुनी, हस्तनवमी, दशमी
०५th जून (सोमवार)१७:४८ से २२:१५स्वातीद्वादशी
०७th जून (बुधवार)२३:१९ से २९:४४+अनुराधाचतुर्दशी
०८th जून (बृहस्पतिवार)०५:४४ से १६:१६अनुराधाचतुर्दशी
१०th जून (शनिवार)११:५५ से २९:४४+मूलप्रतिपदा, द्वितीया
१७th जून (शनिवार)१८:४८ से २९:४५+उत्तर भाद्रपदअष्टमी, नवमी
१८th जून (रविवार)०५:४५ से २९:४५+उत्तर भाद्रपद, रेवतीनवमी, दशमी
१९th जून (सोमवार)०५:४५ से ११:४२रेवतीदशमी
२८th जून (बुधवार)०५:४७ से १९:१७मघापञ्चमी
३०th जून (शुक्रवार)०५:५४ से १८:००उत्तराफाल्गुनीसप्तमी
०२nd जुलाई (रविवार)२४:००+ से २९:४९+स्वातीदशमी
११th नवम्बर (शनिवार)१७:४१ से २५:३८+मघानवमी
१३th नवम्बर (सोमवार)२२:४८ से ३०:४३+उत्तराफाल्गुनीएकादशी
१४th नवम्बर (मंगलवार)०६:४३ से ३०:४४+उत्तराफाल्गुनी, हस्तएकादशी, द्वादशी
१५th नवम्बर (बुधवार)०६:४४ से १३:४६हस्तद्वादशी
२१st नवम्बर (मंगलवार)०७:३४ से २३:२६मूलतृतीया
२३rd नवम्बर (बृहस्पतिवार)२५:२४+ से ३०:५०+उत्तराषाढापञ्चमी, षष्ठी
टिप्पणी - २४ घण्टे की घड़ी उज्जैन के स्थानीय समय के साथ और सभी विवाह मुहूर्त के समय के लिए डी.एस.टी समायोजित (यदि मान्य है)।
शुभ विवाह
हिन्दु विवाह मुहूर्तों की गणना करने के लिये सर्वप्रथम पञ्चाङ्ग शुद्धि की जाती है। पञ्चाङ्ग शुद्धि न केवल विवाह के शुभ दिन ज्ञात कराता है बल्कि विवाह के संस्कारों के लिये शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध कराता है।

द्रिक पञ्चाङ्ग, हिन्दु कैलेण्डर पर आधारित सौर मास और चन्द्र मास को लेकर, साल २०१७ के सभी दिनों के लिये, नक्षत्र, योग और करण की शुद्धि कर विवाह के शुभ दिन और मुहूर्त उपलब्ध कराता है।

हिन्दु धार्मिक ग्रन्थों, मुहूर्त चिन्तामणि और धर्मसिन्धु के अनुसार शुक्र अस्त और गुरु अस्त के समय विवाह संस्कार नहीं किया जाना चाहिये। (अगर आप शुक्र अस्त और गुरु अस्त के दिनों को जानना चाहते हैं तो कृपया शुक्र अस्त और गुरु अस्त देखें।) अतः विवाह मुहूर्त निकालने के लिये जो पञ्चाङ्ग शुद्धि की जाती है वह शुक्र अस्त और गुरु अस्त के दिनों को त्यागने के पश्चात की जानी चाहिये। इसके आलावा अधिक मास के दिनों को भी पञ्चाङ्ग शुद्धि से पहले त्याग देना चाहिये।

हम वर्ष के सभी शुभ मुहूर्तों की गणना करते हैं और जो मुहूर्त ४ घण्टे से कम समय के होते हैं उनको हम त्याग देते हैं। सभी मुहूर्तों के लिये गणना सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को लेकर की जाती है और जो मुहूर्त मध्यरात्रि के पश्चात तक का होता है उसे हम २४+ समय के प्रारूप में दर्शाते हैं।

इस पृष्ठ पर दिये हुये सभी विवाह मुहूर्त शहर की भूगोलिक स्थिति को लेकर निकाले गये हैं। अतः शुभ विवाह के दिन और मुहूर्त लेने से पहले यह सुनिश्चित कर ले कि मुहूर्त आपकी वर्तमान भूगोलिक स्थिति के लिये ही निकाले गये हैं। शुभ विवाह के दिन तय करने के लिये पञ्चाङ्ग शुद्धि पहला कदम है और शादी का दिन तय करने के लिये ज्योतिष विद्या में पारन्गत किसी विद्वान से विचार-विमर्श करना जरुरी है।

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