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deepak

पञ्चाङ्ग Woodbridge, New Jersey, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए

deepak
२२/नवम्बर/२०१४ (शनि)
पञ्चाङ्ग में, गूगल कैलेण्डर के द्वारा व्यक्तिगत टिप्पणी के लिए साइन-इन करें
Woodbridge, संयुक्त राज्य अमेरिका

शनिवार, २२ नवम्बर २०१४

०६:५६

सूर्यास्त :
१६:२९

चन्द्रोदय :
चन्द्रोदय नहीं

चन्द्रास्त :
१७:०४

शक सम्वत :
१९३६ जय

विक्रम सम्वत :
२०७१ प्लवङ्ग

गुजराती सम्वत :
२०७१

अमांत महीना :
कार्तिक

पूर्णिमांत महीना :
मार्गशीर्ष

पक्ष :
कृष्ण पक्ष

तिथि :
अमावस्या - ०७:३२ तक

क्षय तिथि :


योग :
अतिगण्ड - २०:३१ तक

प्रथम करण :
नाग - ०७:३२ तक

द्वितीय करण :
किंस्तुघ्न - १८:५९ तक

क्षय करण :

वृश्चिक

वृश्चिक

०९:१९ - १०:३१

गुलिक काल :
०६:५६ - ०८:०८

यमगण्ड :
१२:५४ - १४:०६

११:२३ - १२:०२

दूमुहूर्त :
०६:५६ - ०७:३४

दूमुहूर्त :
०७:३४ - ०८:१२

अमृत काल :
१६:०२ - १७:३६


त्यौहार और व्रत

Panchang

टिप्पणी:
सभी समय अन्त समय हैं। आधी रात के बाद का समय २४:०० से अधिक है क्योंकि हिन्दू दिन सूर्योदय से शुरू होता है और सूर्योदय के साथ समाप्त होता है। © www.drikpanchang.com
दिनाँक:
Globe [कार्तिक-मार्गशीर्ष]
 
अमावस्या, मार्गशीर्ष, कृष्ण पक्ष, २०७१ प्लवङ्ग, विक्रम सम्वत
नवम्बर २२, २०१४ (शनिवार)
रवि
नवमी शुक्ल
३०
 
 
एकादशी शुक्ल
११
देवुत्थान एकादशी
भीष्म पञ्चक प्रारम्भ
तृतीया कृष्ण
दशमी कृष्ण
१६
१०
द्वितीया शुक्ल
२३
सोम
चतुर्थी शुक्ल
२७
 
 
द्वादशी शुक्ल
१२
चतुर्थी कृष्ण
१०
 
 
एकादशी कृष्ण
१७
११
तृतीया शुक्ल
२४
 
 
मंगल
पञ्चमी शुक्ल
२८
त्रयोदशी शुक्ल
१३
पञ्चमी कृष्ण
११
 
 
द्वादशी कृष्ण
१८
१२
 
 
चतुर्थी शुक्ल
२५
 
 
बुध
षष्ठी शुक्ल
२९
चतुर्दशी शुक्ल
१४
मणिकर्णिका स्नान
 
षष्ठी कृष्ण
१२
 
 
द्वादशी कृष्ण
१९
१२
पञ्चमी शुक्ल
२६
गुरु
सप्तमी शुक्ल
३०
 
 
सप्तमी कृष्ण
१३
 
 
त्रयोदशी कृष्ण
२०
१३
 
 
षष्ठी शुक्ल
२७
 
 
शुक्र
अष्टमी शुक्ल
३१
८,९
प्रतिपदा कृष्ण
 
 
अष्टमी कृष्ण
१४
चतुर्दशी कृष्ण
२१
१४
 
 
सप्तमी शुक्ल
२८
 
 
शनि
दशमी शुक्ल
१०
द्वितीया कृष्ण
 
 
नवमी कृष्ण
१५
 
 
Amavasya Moonअमावस्या
२२
 
 
अष्टमी शुक्ल
२९
 
 
अन्य पृष्ठ रवि पुष्य द्विपुष्कर रवि योग गण्ड मूल भद्रा पञ्चक
चन्द्र माह के नाम
01. चैत्र 02. वैशाख 03. ज्येष्ठ 04. आषाढ़
05. श्रावण 06. भाद्रपद 07. आश्विन 08. कार्तिक
09. मार्गशीर्ष 10. पौष 11. माघ 12. फाल्गुन
नक्षत्र के नाम
01. अश्विन 02. भरणी 03. कृतिका 04. रोहिणी
05. मॄगशिरा 06. आर्द्रा 07. पुनर्वसु 08. पुष्य
09. अश्लेशा 10. मघा 11. पूर्वाफाल्गुनी 12. उत्तराफाल्गुनी
13. हस्त 14. चित्रा 15. स्वाती 16. विशाखा
17. अनुराधा 18. ज्येष्ठा 19. मूल 20. पूर्व आषाढ़
21. उत्तर आषाढ़ 22. श्रावण 23. धनिष्ठा 24. शतभिषा
25. पूर्व भाद्रपद 26. उत्तर भाद्रपद 27. रेवती 28.
योग के नाम
01. विष्कम्भ 02. प्रीति 03. आयुष्मान् 04. सौभाग्य
05. शोभन 06. अतिगण्ड 07. सुकर्मा 08. धृति
09. शूल 10. गण्ड 11. वृद्धि 12. ध्रुव
13. व्याघात 14. हर्षण 15. वज्र 16. सिद्धि
17. व्यतीपात 18. वरीयान् 19. परिघ 20. शिव
21. सिद्ध 22. साध्य 23. शुभ 24. शुक्ल
25. ब्रह्म 26. इन्द्र 27. वैधृति 28.
करण के नाम
01. किंस्तुघ्न 02. बव 03. बालव 04. कौलव
05. तैतिल 06. गर 07. वणिज 08. विष्टि
09. शकुनि 10. चतुष्पाद 11. नाग 12.
तिथि के नाम
01. प्रतिपदा 02. द्वितीया 03. तृतीया 04. चतुर्थी
05. पञ्चमी 06. षष्ठी 07. सप्तमी 08. अष्टमी
09. नवमी 10. दशमी 11. एकादशी 12. द्वादशी
13. त्रयोदशी 14. चतुर्दशी 15. पूर्णिमा 16. अमावस्या
राशि के नाम
01. मेष 02. वृषभ 03. मिथुन 04. कर्क
05. सिंह 06. कन्या 07. तुला 08. वृश्चिक
09. धनु 10. मकर 11. कुम्भ 12. मीन
आनन्दादि योगके नाम
01. आनन्द (सिद्धि) 02. कालदण्ड (मृत्यु) 03. धुम्र (असुख) 04. धाता (सौभाग्य)
05. सौम्य (बहुसुख) 06. ध्वांक्ष (धनक्षय) 07. केतु (सौभाग्य) 08. श्रीवत्स (सौख्यसम्पत्ति)
09. वज्र (क्षय) 10. मुद्गर (लक्ष्मीक्षय) 11. छत्र (राजसंमान) 12. मित्र (पुष्टि)
13. मानस (सौभाग्य) 14. पद्म (धनागम) 15. लुम्ब (धनक्षय) 16. उत्पात (प्राणनाश)
17. मृत्यु (मृत्यु) 18. काण (क्लेश) 19. सिद्धि (कार्यसिद्धि) 20. शुभ (कल्याण)
21. अमृत (राजसंमान) 22. मुसल (धनक्षय) 23. गद (भय) 24. मातङ्ग (कुलवृद्धि)
25. रक्ष (महाकष्ट) 26. चर (कार्यसिद्धि) 27. सुस्थिर (गृहारम्भ) 28. प्रवर्द्धमान (विवाह)
सम्वत्सर के नाम
01. प्रभव 02. विभव 03. शुक्ल 04. प्रमोद
05. प्रजापति 06. अङ्गिरा 07. श्रीमुख 08. भाव
09. युवा 10. धाता 11. ईश्वर 12. बहुधान्य
13. प्रमाथी 14. विक्रम 15. वृष 16. चित्रभानु
17. सुभानु 18. तारण 19. पार्थिव 20. व्यय
21. सर्वजित् 22. सर्वधारी 23. विरोधी 24. विकृति
25. खर 26. नन्दन 27. विजय 28. जय
29. मन्मथ 30. दुर्मुख 31. हेमलम्बी 32. विलम्बी
33. विकारी 34. शर्वरी 35. प्लव 36. शुभकृत्
37. शोभन 38. क्रोधी 39. विश्वावसु 40. पराभव
41. प्लवङ्ग 42. कीलक 43. सौम्य 44. साधारण
45. विरोधकृत् 46. परिधावी 47. प्रमाथी 48. आनन्द
49. राक्षस 50. नल 51. पिङ्गल 52. काल
53. सिद्धार्थ 54. रौद्र 55. दुर्मति 56. दुन्दुभी
57. रुधिरोद्गारी 58. रक्ताक्षी 59. क्रोधन 60. क्षय
हिन्दू कैलेण्डर
हिन्दू कैलेण्डर में दिन स्थानीय सूर्योदय के साथ शुरू होता है और अगले दिन स्थानीय सूर्योदय के साथ समाप्त होता है। क्योंकि सूर्योदय का समय सभी शहरों के लिए अलग है, इसीलिए हिन्दू कैलेण्डर जो एक शहर के लिए बना है वो किसी अन्य शहर के लिए मान्य नहीं है। इसलिए स्थान आधारित हिन्दू कैलेण्डर, जैसे की द्रिकपञ्चाङ्ग डोट कॉम, का उपयोग महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, प्रत्येक हिन्दू दिन में पांच तत्व या अंग होते हैं। इन पांच अँगों का नाम निम्नलिखित है
1. तिथि
2. नक्षत्र
3. योग
4. करण
5. वार (सप्ताह के सात दिनों के नाम)

पञ्चाङ्ग
हिन्दू कैलेण्डर के सभी पांच तत्वों को साथ में पञ्चाङ्ग कहते हैं। (संस्कृत में: पञ्चाङ्ग = पंच (पांच) + अंग (हिस्सा)). इसलिए जो हिन्दू कैलेण्डर सभी पांच अँगों को दर्शाता है उसे पञ्चाङ्ग कहते हैं। दक्षिण भारत में पञ्चाङ्ग को पञ्चाङ्गम कहते हैं।

भारतीय कैलेण्डर
जब हिन्दू कैलेण्डर में मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन त्योहार और राष्ट्रीय छुट्टियों शामिल हों तो वह भारतीय कैलेण्डर के रूप में जाना जाता है।
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